Told from the signal – the Joy of playing international in table-tennis and the intention of winning | संकेत से बताई- टेबल-टेनिस में इंटरनेशनल खेलने की खुशी और जीत का इरादा

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जोधपुरएक दिन पहलेलेखक: रविंद्र शर्मा

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जोधपुर की बेटी ब्राजील में खेलेगी इंटरनेशनल टेबल-टेनिस।  - Dainik Bhaskar

जोधपुर की बेटी ब्राजील में खेलेगी इंटरनेशनल टेबल-टेनिस।

मेहनत इतनी खामाेशी से कराे कि सफलता शोर मचा दे। की कथन को सिद्ध किया है जोधपुर की 25 वर्षीय मूक बधिर खिलाड़ी राखी अटल ने। शारीरिक क्षमताओं को दरकिनार कर हौसलों से भारतीय टीटी डीफ एंड डंब टीम में चयनित हुई हैं। मई में ब्राजील में इंटरनेशनल डीफ एंड डंब टीटी प्रतियोगिता में भारत को पदक दिलाने खेलेंगी। राखी अप्रैल में नई्ली में भारतीय टीम के साथ प्रैक्टिस के लिए जुड़ेंगी।

सपना सपना भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल दिलाने का है। हालांकि यहां तक ​​पहुंचना राखी के लिए चुनौतियों का लंबा सफर रहा। राखी के लिए सामान्य खिलाड़ियों के साथ खेलना और संवाद करना आसान नहीं था। इसके बाद भी राखी ने जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया। ई भाई तरुण, जो कि मूक-बधिर थे के असामयिक निधन ने राखी को कर कर रख दिया।

हालांकि इसके बाद भी उन्होंने टीटी की प्रैक्टिस और चैंपियनशिप्स में खेलना नहीं छोड़ा। होंने्होंने रांची में हुए गेम्स ऑफ डीफ में एक गोल्ड व तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते। हुए्नई में हुए 23 वें नेशनल गेम्स ऑफ डीफ में ब्रॉन्ज जीता। उनकी इसी उपलब्धि के कारण हांगकांग में होने वाली अंतरराष्ट्रीय डीफ प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में राखी का चयन हुआ। हालांकि चीन व हांगकांग के बीच बढ़ते विवाद के कारण वह प्रतियोगिता रद्द हो गई।

मेहनताख से करें, टिप्पणियों को अनसुना करें … सफलता शोर मचाएगी
राखी बताती हैं- खेलना शुरू किया तो पता नहीं था कि इतना खेल पाऊंगी। टिस्रैक्टिस करते-करते जब नेशनल खेलने गई तो अच्छा लगा।
मेहनत का विकल्प नहीं

राखी कहती हैं कि एकाग्रता का बड़ा महत्व है। इसी बात को इशारों की भाषा में उन्होंने समझाया- जिस का अर्थ है कि फुल फोकस ऑन बॉल। लक्ष्य पर केंद्रित रहें

जब मैच खेलती हैंर कभी हार जाती है तो कोच सर का डर लगता है। हालांकि उसके बाद दुगुनी मेहनत से जीतकर ही दम लेती हैं। डर के आगे जीत

टीम में चयनित होना राखी के सपने का आधा सच हाेना है। आधा सपना बाकी है। -ाया- इंडिया के लिए खेलूंगी तो जिताकर ही लाना है। सपने देखें, भरोसा रखें

बहन ही राखी की ट्रांसलेटर, जैसे फिल्म इकबाल में हुआ था
ुआतीरुआती ट्रेनिंग में रेलवे स्टेडियम के कोच अमित थानवी ना तो राखी की साइन लैंग्वेज समझ पाते, ना कुछ समझा पाते। ानवी ने राखी की बड़ी बहन उषा माहेश्वरी को भी राखी के साथ बुलाना शुरू किया। 6 माह में उन्होंने भी साइन लैंग्वेज को काफी हद तक समझा। ठीक उसी तरह जैसे इकबाल मूवी में मूक-बधिर खिलाड़ी की बहन उसके व कोच के बीच र्रांसलेटर बनती है।

ेंरें और भी हैं …

Sources

1/ https://Google.com/

2/ https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/news/told-from-the-signal-the-joy-of-playing-international-in-table-tennis-and-the-intention-of-winning-129457305.html

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